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Wednesday, August 29, 2018

Diwali Essay: Diwali Essay in hindi

Diwali Essay Hindi: Diwali par Nibandh


Diwali Essay hindi
Diwali Essay hindi

Diwali Essay in Hindi language for students in 200, 250, 300, 350, 400 and 600 words are given here


Diwali Essay in Hindi / Diwali pr nibandh / Essay on diwali in hindi - 200 Words


भारत एक त्योहारों का देश है । इन्हीं पर्वों मे से एक खास पर्व है दीपावली जो दशहरा के twenty दिन बाद अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है। इसे भगवान राम के fourteen साल का वनवास काटकर अपने राज्य में लौटेने की खुशी में मनाया जाता है।

दिवाली को रोशनी का उत्सव या लड़ीयों की रोशनी के रुप में भी जाना जाता है जोकि घर में लक्ष्मी के आने का संकेत है साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अपने घर, दुकान, और कार्यालय आदि में साफ-सफाई रखने से उस स्थान पर लक्ष्मी का प्रवेश होता है।

ऐसी मान्यता है कि इस दिन नई चीजों को खरीदने से घर में लक्ष्मी माता आती है। इस दिन सभी लोग खास तौर से बच्चे उपहार, पटाखे, मिठाईयां और नये कपड़े बाजार से खरीदते है। शाम के समय, सभी अपने घर में लक्ष्मी अराधना करने के बाद घरों को रोशनी से सजाते है। पूजा संपन्न होने पर सभी एक दूसरे को प्रसाद और उपहार बाँटते है साथ ही ईश्वर से जीवन में खुशियों की कामना करते है। अंत में पटाखों और विभिन्न खेलों से सभी दिवाली की मस्ती में डूब जाते है।

Diwali Essay in Hindi / Diwali pr nibandh / Essay on diwali in hindi - 300 Words

दिवाली अंधकार पर प्रकाश की सफलता का प्रतीक चिन्ह है. इसे प्रतिवर्ष कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है. यह हिन्दुओ का सर्वप्रमुख त्यौहार है. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत पर्व के नाम से भी जाना जाता है. लोग इस त्यौहार को अपने घरो में दीपक जलाकर करते है. इस दिन बच्चे पटाखे/ फुलझड़ियों इत्यादि फोड़ते है. दिवाली के दिनों के आस पास कई अन्य त्यौहार जैसे की धनतेरस, भैया दूज इत्यादि भी मनाया जाता है.

दिवाली के दिन प्रातः काल से ही घरो को सजाने सवारने का काम शुरु हो जाता है. दिवाली पर्व की शुरुआत कब से हुई इसके बारे में कई सारी प्रचलित कथाये है इसमे सबसे प्रचलित तथा मानने योग्य कथा यह है की दिवाली वाले दिन भगवन श्री राम लंका नरेश रावण का वध करके अवध नगरी अयोध्या वापस आ गए थे अपने पिता दसरथ द्वारा दिए गए 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के उपरांत.

जब भगवान श्री राम वापस अयोध्या आये तो लोगो ने उनके स्वागत के लिए घर और बाहर दीपक जलाये थे. दीपक जलाने का रिवाज़ तभी से चला आ रहा है. इस दिन लोग लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते है ताकि उनके घरों में सुख, समृधि एवं वैभव आये. दीपावली के त्यौहार के बहोत से गुड़ो के साथ ही साथ कुछ दुर्गुण भी है जैसे की दिवाली एक खर्चीला त्यौहार है. समाज के कुछ लोग इस त्यौहार को पैसे न होने के कारण कर्ज लेकर मानते है. नए कपडे पहेंते है और मिठाई खाते है.

यूँ तोह दिवाली पर्व से जुडी कई सारी आम धारणाये है पर इससे जुड़े कुछ अंधविश्वास भी है जैसे की कुछ लोगो का मानना है की इस दिन जुआ खेलने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और वर्ष भर धन आता है. कुछ लोग जुआ खेलते-खेलते अपना सर्वस्वा केवल एक रात में ही गवा देते है.

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